नैतिकता के जागरण के लिए है अहिंसा यात्रा : आचार्य महाश्रमण

भुना, हरियाणा। 21 अप्रैल। व्यक्ति को उस मार्ग का चयन करना चाहिए, जो उसके व उसकी आत्मा के लिए कल्याणकारी हो। आचार्य महाश्रमणजी ने सोमवार को भुना में श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कही। आचार्य महाश्रमणजी का भूना पहुंचने पर सैकड़ों की संख्या में भूना वासियों ने भव्य नागरिक अभिनंदन किया।
आचार्य ने कहा कि नशा व्यक्ति को आर्थिक, सामाजिक व पारिवारिक तथा मानसिक रूप से क्षति पहुंचाता है। इंसान को नशे आदि से दूर रहना चाहिए। यात्रा के माध्यम से देश वासियों को जागरूक करना ही उनका उद्देश्य है। यात्रा के माध्यम से भ्रूण हत्या निरोध, नशा मुक्ति, साम्प्रदायिक सौमनस्य व ईमानदारी का पाठ लोगों को पढ़ाना ही अहिंसा यात्रा का मकसद है। वर्तमान युग में हिंसा के रूप में ऐसी अनेक प्रवृत्तियां है, जो व्यक्ति, समाज, राष्ट्र एवं मानव जाति के सांस्कृतिक मूल्यों का विनाश कर रही हैं। आचार्य महाप्रज्ञ ने 5 नवंबर 2001 को सुजानगढ़ से अहिंसा यात्रा का शंखनाद किया था। अहिंसक चेतना का जागरण एवं नैतिक मूल्यों का विकास इन दो लक्ष्यों को लेकर निकाली अहिंसा यात्रा ने राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उतर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि प्रांतों में अहिंसा की आवाज को बुलंद किया।

कार्यक्रम में तेरा पंथ सभा भूना के अध्यक्ष कृष्ण गोयल, तेयुप अध्यक्ष एवं जेटीएन प्रतिनिधि अनिल कुमार जैन, तेयुप मंत्री प्रवीन जैन,  सुशील कुमार जैन, आशू जैन, फिरोजी जैन,रामबिलास जैन, ललित कुमार गोयल, महेंद्र गोयल, इंद्राज जैन, धर्मदास, रतन गोयल, फकीर चंद मित्तल, श्याम सुंदर भगेरिया, दिनेश जैन, रामनिवास जैन, हरिओम गोयल, जितेंद्र बंसल, विजय ढाणी सांचला,
ईश्वर गर्ग, आशीष गोयल आदि मौजूद थे। रिपोर्ट: देवेन्द्र डागा, संजय वैदमेहता।

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