ओजस्वी तेजस्वी शक्तिशाली बनने का प्रयास करें - आचार्य श्री महाश्रमण जी


अभातेमम के राष्ट्रिय अधिवेशन में पाथेय प्रदान करते हुए पूज्य प्रवर, मंत्री मुनि प्रवर 














नई दिल्ली 11 सितम्बर, 2014, आचार्य श्री महाश्रमण ने अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मण्डल के 29 वें राश्ट्रीय अधिवेषन को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति में कुछ बनने की भावना होती है उसे प्रति स्त्रोत गामी होना चाहिए। प्रवाह के अनुकुल चलना अनुश्रोत है। सुख-सुविधाओं को तिलांजली देकर इन्द्रिय संयम द्वारा साधना पथ में आनेवाली कठिनाइयों को झेलने के लिए हम अपने जीवन में ओजस्विता का उजास लाये, तेजस्वी और शक्तिशाली बने। शक्ति का सही दिषा में उपयोग करें।

तेरापंथ समाज की कार्यकारी, अनुशासित शालीन संस्था है तेरापंथ महिला मण्डल।

इसके सक्षम नेतृत्व में महिलाएं अच्छा कार्य कर रही है। श्रेष्ठ कार्यो के निस्पादन में संस्था में कठिनाइयां आ सकती है। इन सब कठिनाइयों का निराकरण करते हुए ओज, तेज और शक्ति से आगे बढ़े।
महिला मण्डल ज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। आपके परिवार भी तलाक मुक्त, भ्रूणहत्या, मुक्त एवं नशामुक्त परिवार बने, सभी के व्यक्तिगत जीवन में भी साधना तपस्या का विकास हो ।
मंत्रीमुनि सुमेरमल जी ने कहा कि आचार्य तुलसी की दूरदर्शिता के कारण तेरापंथी महिला समाज में जागृति आयी और उसी से आज यह महिला शक्ति संगठित हो कर कार्य कर रही है। जिस संगठन में मातृशक्ति जागृत है वह संगठन सशक्त है, क्रियाशील है। आप भीतर से ठोस और शक्ति सम्पन्न बनने का भी प्रयास करें।
राष्ट्रिय अध्यक्ष श्रीमती सुरज बरडि़या ने आचार्य श्री के प्रति श्रद्धा समर्पित करते हुए सभी का स्वागत किया। राष्ट्रिय महिला आयोग , राजस्थान सरकार एवं विभिन्न राज्यों द्वारा तेरापंथ महिला मंडल को प्रदत्त अनेक राष्ट्रिय सम्मानों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रिय अध्यक्ष ने विगत वर्ष का लेखा जोखा भी प्रस्तुत किया।
स्वास्थ परिवार एवं स्वस्थ समाज योजना के अन्तर्गत अनेको चित्त समाधि शिविर लगाये गये। कन्या सुरक्षा अभियान के अन्तर्गत इन्दौर में कन्या सुरक्षा सर्कल का निर्माण हुआ और मुम्बई में कन्या सुरक्षा की चेतना जगाते हुए एक ट्रेन दो महिनें तक चली। आगामी कार्यक्रम सांमजस्य शिविर और अमर उजाला (बिजली बचाओ) है। दिल्ली की श्रीमती सुषीला पटावरी, श्रीमती विजयामालू, श्रीमती ललिता जैन एवं श्रीमती पुश्पा बैंगानी को श्राविका गौरव एवं प्रो. रत्ना कोठारी एवं  वैज्ञानिक सुश्री नम्रता दूगड़ को सीता देवी सरावगी पुरस्कार दिये गये। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती नीतू पटावरी ने किया।

अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के राष्ट्रिय अधिवेशन में देश भर से दिल्ली में उपस्थित महिलाऐं 


Related

Sangathan 3322609221882044521

Follow Us

Hot in week

Recent

Comments





Total Pageviews

item