ज्ञानशाला का वाषिर्कोत्सव - चिकमंगलूर

आचार्य महाश्रमणजी की सुशिष्या  साध्वीश्री काव्यलता जी ने ज्ञानशाला के  छात्रों को संबोधित करते हुए कहा संस्कार व्यक्ति को उच्चता देता है । संस्कारी बच्चों ही परिवार, समाज और देश की धरोहर बन सकते है । इस अवसर पर साध्वीश्री सुरभिप्रभा साध्वीश्री वैभवयशा साध्वीश्री ज्योति यशा ने सुमधुर गीतिका का संगान किया । ज्ञानशाला के नन्हे मुन्हे बच्चों ने नमस्कार मुद्रा , योगासन आदि के प्रयोग व गीतीकाओ का संगान किया । ज्ञानशाला मुख्य प्रशिक्षक लीला डोसी ने ज्ञानशाला की गतिविधियों पर प्रकाश डाला । संयोजन फैन्सी आच्छा ने किया ।

फोटो साभार :JTN से महावीर सकलेचा चिकमंगलूर

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