‘‘डोनेटेड लाइफ’’ और ‘‘लाॅस्ट’’ ने जीता आचार्य तुलसी शाॅर्ट फिल्म का अवार्ड


दिनांक 19 जून 2016। आचार्य तुलसी शाॅर्ट फिल्म फेस्टिवल में शाॅर्ट फिल्म श्रेणी में वेदिका शुक्ला रोहतक द्वारा निर्देशित भारतीय फिल्म 'डोनेटेड लाईफ' और अन्तरराष्ट्रीय श्रेणी में माईकल चेन द्वारा निर्देशित कनाडा की फिल्म 'लाॅस्ट' को पहला पुरस्कार प्राप्त हुआ है। दिनांक 18 एवं 19 जून को आयोजित हुए आचार्य तुलसी शाॅर्ट फिल्म के समापन समारोह में विभिन्न श्रेणीयों के पुरस्कार की घोषणा की गई। ऐनिमेशन श्रेणी में ईरान के मोहम्मद जारे द्वारा निर्देशित फिल्म 'जंक गर्ल' को पहला और ताईवान की फिल्म 'हेवन किड' को दूसरा पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार विप्लव मजूमदार मुम्बई की 'जून', आशिफ खान वेस्ट बंगाल द्वारा निर्देशित फिल्म 'पोस्टर', तेरापंथ कन्या मण्डल बीकानेर द्वारा निर्देशित फिल्म अर्ध अर्धानगी, सुनील जोशी द्वारा निर्देशित 'अनोखी सरत', डाॅ. राकेश राव एवं डाॅ. रजनी जोशी द्वारा निर्देशित फिल्म 'बायो मेडिकल वेस्ट' को स्पेशल जूरी मेंशन अवार्ड दिया गया।
फिल्म फेस्टीवल के निर्णायक मण्डल में शामिल रामकुमार सिंह, गजेन्द्र श्रोत्रिय, सम्मी नन्दा एवं अशोक सन्चेती का स्मृति देकर व पताका पहनाकर अभिनन्दन किया गया। यह समारोह गंगाशहर के  आशीर्वाद भवन के वातानाकुलित आॅडिटोरियम में संचालित हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए पुलिस अधीक्षक डाॅ. अमनदीप सिंह कपूर ने कहा कि किसी भी देश की संस्कृति को समझने का सर्वोत्तम माध्यम इस तरह के शाॅर्ट फिल्म फेस्टिवल है और भविष्य में इस तरह के आयोजनों में और भी कईं आयाम शामिल किये जा सकते हैं। 
फिल्म फेस्टीवल के डायरेक्टर जैन लूणकरण छाजेड ने कहा देश-विदेश से आए फिल्मकारों ने बेहतरीन प्रदर्शन कीया तथा यह फेस्टीवल आम जनता में आकर्षण का केन्द्र रहा। उन्होने कहा कि विचारों की अभिव्यक्ति का बेहतरीन साधन फिल्मे होती है। लाडनूं की डाॅ. मुकुक्षु शांता जैन ने कहा कि फेस्टिवल सागर मंथम से कम नहीं था आचार्य तुलसी के स्वप्न को समाज, देश, विदेश तक प्रसारित करने का उत्कृष्ट माध्यम फिल्म फेस्टीवल बना है, यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। युवा फिल्मकारों का सृजनशीलता व व ऊर्जाशीलता सराहनीय है। अधिक प्रचार-प्रसार के बावजूद आॅडियेन्स की कुछ कमी रही। युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का पुनः संकल्प करूंगी। बहन वीणा जैन (लाडनं) ने कहा कि समाज के बिखरे विषयों को चुन कर युवा निर्देशकों के माध्यम से प्रस्तुत करना बहुत प्रशंसनीय है। बड़ी फिल्मो के प्रदर्शन से आचार्य तुलसी के संदेश का प्रचार किया जा सकता है। किशन बैद ने कहा फिल्मों को देखकर प्रेरणा प्राप्त होती है आचार्य तुलसी के कृतित्व/व्यक्तित्व से परिचित किये जाने का माध्यम फिल्म फेस्टिवल है। श्रीमती शारदा डागा ने बाताया कि आचार्य तुलसी ने जिन आदर्शो को वर्षो पहले स्थापित किया उन्ही आदर्शो को लघु फिल्मों का प्रदर्शन सुखद रहा। श्रीमती नयनतारा छलाणी जी ने कहा कि हमारा समाज अपने अनेक वर्गो के प्रति रिक्तता का भाव रखती है उसके प्रति जागरूकता का संदेश इस फेस्टिवल के माध्यम से सामने आया है श्रीमती संजू लालणी ने कहा कि आचार्य तुलसी के बताये गये मार्ग पर चलने के लिये पुनः जागरूकता उत्पन्न होती है। डाॅ विजय आचार्य ने कहा सोशल मीडिया के माध्यम से अखिल विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण संवाद का प्रसार संभव हुआ है।
कृष्णा आचार्य ने आचार्य तुलसी को समर्पित गीत "वो तुलसी गुरूवर मेरा" प्रस्तुत किया। 
रामसहाय हर्ष ने बताया कि फेस्टिवल के आयोजन से बीकानेर पूरे विश्व मे सोशल मीडिया के माध्यम से छाया हुआ है। आचार्य तुलसी के संदेश पर आधारित फिल्मों को अधिक प्राथमिकता दी जावे।
योगेन्द्र पुरोहित ने कहा दृश्यात्मक गतिविधियों के माध्यम से नैतिकता के प्रचार-प्रसार को बल मिला है।सुश्री कनक गौलछा ने कहा गंगाशहर की उपलब्धि गुरूदेव की शिक्षाओं का फिल्म मे देखकर अच्छा लगा। अनिल हर्ष ने कहा युवाओ को मार्ग से भटकने से बचाने के लिये इन फिल्मो का प्रदर्शन समाजिक कुरितियों से बचने का अभियान प्रोत्साहित होता है। अतिथियों ने आचार्य तुलसी शाॅर्ट फिल्म फेस्टिवल के सयोजक गोपाल सिंह चैहान के साथ रजनीश जोशी, राजेश ओझा, स्वरूप सिंह, प्रज्ञा नौलखा कन्हैयालाल रामपुरिया, विनीत बोथरा को सम्मानित किया। आभार ज्ञापित करते हुए जनतलाल दूगड़ ने कहा समाज के समक्ष यह नवाचार मील का पत्थर साबीत होगा। संवाद साभार : गोपाल सिंह चैहान (समन्वयक)

Related

News 5572781783822814240

Post a Comment Default Comments

Leave your valuable comments about this here :

emo-but-icon

Follow Us

Hot in week

Recent

Comments





Total Pageviews

item