अभातेयुप के 50 वें वार्षिक अधिवेशन का प्रथम दिवस

अभातेयुप के 50 वें वार्षिक अधिवेशन का त्रिदिवसीय आयोजन
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के 50 वें वार्षिक अधिवेशन का त्रिदिवसीय आयोजन परमपूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी के पावन सान्निध्य में धारापुर गुवाहाटी में 16 से 18 सितंबर तक आयोजित हुआ. देश-विदेश से १२२ तेयुप शाखा परिषदों के करीब ७०५ युवकों ने इस स्वर्णिम अधिवेशन में अपनी सहभागिता दर्ज की.
प्रथम दिवस
युवा खूब विकास करें : पूज्यप्रवर
अधिवेशन के प्रथम दिन प्रात: देश-विदेश से समागत युवा शक्ति अभातेयुप पदाधिकारियों के नेतृत्व में सर्वप्रथम परमपूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी के श्रीचरणों में उपस्थित हुई. पूज्यप्रवर अभातेयुप उपाध्यक्ष-1 श्री राजेश जम्मड ने 50 वें वार्षिक अधिवेशन के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की. महामंत्री श्री विमल कटारिया ने युवा शक्ति की ओर से पूज्यप्रवर को वंदना निवेदित की. पूज्यप्रवर ने युवकों को जीवन में खूब विकास करने का आशीर्वचन फरमाते हुए मंगल पाठ प्रदान करवाया.
तेरापंथ की शिक्षाओं को अपनाएं तो विश्व में होगी शांति : रणजीतदास
तत्पश्चात वर्धमान समवसरण में आयोजित “उद्घाटन सत्र” में मुख्य अतिथि के रूप में असम विधानसभा अध्यक्ष श्री रणजीतदास एवं विधायक श्री अशोक सिंघवी उपस्थित रहे. श्री रणजीतदास ने अहिंसा यात्रा की उपयोगिता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि हम सभी जैन धर्म और तेरापंथ धर्मसंघ के सिद्धांतों को जीवन में अपना ले, तो समाज, राष्ट्र एवं विश्व में शांति अवतरित होगी. इस अवसर पर मुनिश्री दिनेशकुमारजी ने युवकों को संघ एवं संघपति के प्रति पूर्ण आस्थावान रहने हेतु प्रेरणा दी.
पूज्यप्रवर ने विनयशीलता एवं मुख्यमुनि ने प्रमोद भावना का दिया बोध
मुख्य प्रवचन में पूज्यप्रवर ने आचार्य कालुगणी के पदारोहण दिवस के उपलक्ष में उन्हें श्रद्धा अर्पित की एवं कालूगणी के विनयशीलता का उल्लेख करते हुए युवाओं को विनयवान बनने की प्रेरणा दी. मुख्य मुनि श्री महावीरकुमारजी ने संगठन के विकास में प्रमोद भावना के महत्त्व को उजागर करते हुए युवाओं को परस्पर प्रमोद भाव रखने हेतु प्रेरित किया.
प्रथम सत्र का शुभारंभ दोपहर १२:३० बजे गुवाहाटी के रॉयल ग्लोबल इंस्टिट्यूट के ऑडिटोरियम में सामूहिक नमस्कार महामंत्रोच्चार के साथ हुआ. अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे अभातेयुप उपाध्यक्ष-1 श्री राजेश जम्मड ने श्रावक निष्ठा पत्र वाचन करवाया एवं युवकों द्वारा सामूहिक विजय गीत का संगान किया गया. अभातेयुप अध्यक्ष श्री बी.सी. भलावत ने मुंबई से वीडियों कोंफ्रेंसिंग द्वारा युवा शक्ति को संबोधित करते हुए वर्ष भर में हुए कार्यों हेतु युवा शक्ति का साधुवाद किया. उपाध्यक्ष-1 श्री राजेश जम्मड ने अध्यक्षीय वक्तव्य करते हुए युवाओं का अधिवेशन में स्वागत-अभिनंदन किया एवं अभातेयुप के २१ सूत्रीय कार्यक्रमों की विवेचना की. स्थानीय गुवाहाटी परिषद् की ओर से अध्यक्ष श्री बजरंग सुराणा ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया. महामंत्री श्री विमल कटारिया ने अपने वक्तव्य में युवकों को अधिवेशन के सभी सत्रों में समयबद्धता एवं अनुशासन हेतु आह्वान किया. उन्होंने अभातेयुप अध्यक्ष श्री बी.सी. भलावत के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगलकामना की. इस सत्र का संचालन उपाध्यक्ष-2 श्री मुकेश गुगलिया ने किया.
अभातेयुप की विभिन्न प्रवृत्तियों के प्रभारियों की हुई प्रस्तुति:
द्वितीय सत्र में अभातेयुप की विभिन्न प्रवृत्तियों के संबंधित प्रभारियों की प्रस्तुति के क्रम में श्री देवेन्द्र डाकलिया ने युवावाहिनी, श्री संदीप कोठारी एवं श्री भरत मर्लेचा ने ATDC, श्री पवन मंडोत ने व्यक्तित्व विकास कार्यशाला, श्री गोपाल लुणावत एवं श्री जगत संचेती ने लाडनूं कार्यालय, श्री समकित पारीख ने वेबसाईट, श्री रमेश पटावरी एवं श्री मनोज संकलेचा ने प्रकाशन और श्री मनीष दफ्तरी ने तेरापंथ टास्क फ़ोर्स की गति-प्रगति की प्रस्तुति दी. इस सत्र में NDRF की टीम द्वारा आपातकालीन स्थिति में कैसे घायलों को CPR द्वारा प्राथमिक इलाज दिया जाए उसके प्रयोगिक स्वरूप की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र बनी. इस सत्र का संचालन कोषाध्यक्ष श्री नवीन वागरेचा ने किया.      
तृतीय सत्र में श्री महावीर सेमलानी एवं श्री संजय वैदमेहता ने JTN, श्री प्रमोद छाजेड़ एवं श्री अमित सेठिया ने अभ्युदय योजना, श्री हितेश भांडीया एवं श्री नितेश कोठारी ने MBDD की जानकारी प्रस्तुत की. इस सत्र का संचालन सहमंत्री-II श्री सुभाष सिंघी ने किया.
इच्छाओं से नहीं इरादों से मिलती है कामयाबी : शिव खेड़ा
चतुर्थ सत्र में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मोटिवेटर श्री शिव खेड़ा ने अपनी प्रभावशाली मोटिवेशनल स्पीच में कहा कि- काबिलियत और इरादों का योग बनता है तब कामयाबी आती है, किन्तु काबिलियत से अधिक महत्व मजबूत इरादों का है. सिर्फ इच्छा से कुछ नहीं होता, इच्छा होना और मजबूत इरादें होना दोनों अलग बातें है. इच्छाएँ दबाई जा सकती है लेकिन इरादें नहीं. उन्होंने अभातेयुप की गतिविधियों की सराहना करते हुए स्वयं को तेरापंथ का ब्रेंड एम्बेसेडर बनने पर गर्व महसूस होगा एसी अभिव्यक्ति दी एवं अभातेयुप को भविष्य में लीडरशीप कार्यकमों हेतु स्वयं द्वारा सहयोग की भावना व्यक्त की. इससे पूर्व श्री तरीन मेहता ने श्री शिव खेड़ा का परिचय प्रस्तुत किया. सत्र का संचालन संगठन मंत्री श्री योगेश चौधरी ने किया.

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