153 वा मर्यादा महोत्सव : सिलीगुड़ी - तृतीय दिवस

तेरापंथ के महाकुम्भ, 153वें मर्यादा महोत्सव की पल पल की खबरें आप तक सीधे गुरुदेव प्रवास स्थल, सिलुगुड़ी से अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ के  द्वारा ! 


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तेरापंथ के महाकुम्भ, 153वें मर्यादा महोत्सव के तीसरे दिन परम पूज्य गुरुदेव के प्रवास स्थल,  राधाबाड़ी, सिलीगुड़ी  ग्राउंड जीरो से लाइव अपडेट! 

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चातुर्मास लिस्ट 






🔺 साध्वी प्रमुखा श्री जी का श्रावक समाज को निर्देश




🔺153 वें मर्यादा महोत्सव के नयनाभिराम दृश्य - 2 सिलीगुड़ी से




🔺153 वें मर्यादा महोत्सव के नयनाभिराम दृश्य - 1 सिलीगुड़ी से




🔺 मर्यादा महोत्सव के अवसर पर मर्यादा समवसरण में साधु-साध्वीयों द्वारा मर्यादाओं का सामुहिक समुच्चारण

🔺 हाजरी वाचन का विहरगम दृश्य

🔺 इस अवसर पर कुल 171 साधु, साध्वीयाँ, समण, समणी उपस्थित





🔺 153 वें मर्यादा महोत्सव पर पूज्य प्रवर द्वारा सम्बोधन प्राप्त श्रावक - श्राविकाएँ





🔺 मर्यादा महोत्सव के अवसर पर मर्यादा समवसरण में मर्यादा पुरूष द्वारा मंगल उद्बोधन

🔺 "13 नियम ही हमारी संपत्ति" : आचार्य महाश्रमण
🔺इस संपत्ति की सुरक्षा की हम जिम्मेवारी लें। इस सम्पति की सुरक्षा के लिए 8 माताएं है- 5 समिति 3 गुप्ति माताएं हैं।
🔺हम साधना के प्रति जागरूक रहें। हमने घर छोड़ा है तो साधना के लिए छोड़ा है। साधना के प्रति हम जागरूक रहें।
🔺हम संघ बद्ध साधना करते हैं इसलिए मर्यादा आवश्यक है, नियम आवश्यक है।
🔺व्यक्ति बड़ा नहीं संघ बड़ा होता है।
🔺 हम नियमों के प्रति, मर्यादा के प्रति, संघ के प्रति, गुरु के प्रति समर्पित हों।
🔺सभी साधु - साध्वीयां एक ही आचार्य की आज्ञा मे रहे , यह सर्वे सर्वा मर्यादा है
🔺संघ है वहां शासना की बात होती है , सारणा - वारणा की बात होती है , मर्यादा की बात होती है।
🔺संघ संघपति के प्रति हमारी अटल निष्ठा होनी चाहिए ।
🔺मै महामहिम धर्म संघ को प्रणाम करता हूं - आचार्य महाश्रमण जी



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🔺मंत्री मुनि श्री सुमेरमल जी स्वामी को "शासन स्तम्भ" का दिया गया पद !
🔺अपने दीक्षा गुरु के संयम पर्याय के 75 वर्ष पूंर्ण होने पर खड़े हो कर स्वयं पुज्य आचार्य श्री ने की अभिवंदना !




🔺 पूज्यप्रवर ने सामायिक के सन्दर्भ में फ़रमाया शनिवार सात से आठ की सामायिक में तेरापंथ प्रबोध का संगान हो।

🔺 सामायिक की साधना अच्छे से होनी चाहिए।





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पुज्य प्रवर ने महत्ती कृपा कर के
🔺कोलकाता के बाद सम्मेत शिखर जाने का फ़रमाया है
🔺वर्धमान महोत्सव - भुवनेश्वर
🔺20.01.18 को कटक मर्यादा महोत्सव प्रवेश का भाव
🔺2019 का मर्यादा महोत्सव कोयम्बटूर में करने का भाब
🔺2018 - अक्षय तृतीया - विशाखापट्टनम
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🔺नई घोषणा : दीक्षा समारोह - कोलकाता दिनांक 30 जून 2017  को
🔺मुमुक्षु शालिनी - समणी दीक्षा
🔺मुमुक्षु ममता -समणी दीक्षा
🔺मुमुक्षु अनमोल-समणी दीक्षा
🔺मुमुक्षु जयंत बुच्चा मुनि दीक्षा
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🔺परम पूज्य आचार्य प्रवर द्वारा 153 वें मर्यादा महोत्सव के पावन अवसर पर लिखित गीतिका  का संगान - श्रीमुख से
"भैक्षव शासन की शरण मिली है, जीवन की कली खिली है।
जिन शासन गरिमा अपरम्पार है।
ओ संतो ! मर्यादानिष्ठा शुभ संस्कार है।
गीत का ये ऑडियो अवश्य सुने 




🔺भावुक क्षण : मातृ ह्र्दया साध्वी प्रमुखा श्री जी के विन्रम निवेदन पर पूज्य प्रवर पट पर विराजे ।
🔺पूज्य प्रवर के विनय भाव के साक्षात दर्शन पाकर निहाल हुआ मर्यादा समवसरण




🔺153 वे मर्यादा महोत्सव पर प्रवचन पंडाल के अविस्मरणीय पल




🔺 मर्यादा महोत्सव के तृतीय दिवस पर पूज्य प्रवर आचार्य महाश्रमण जी का अमृतमय मंगल उद्बोधन

🔺मर्यादा समवसरण मे मर्यादा पुरूष द्वारा मर्यादा पत्र का वाचन

🔺साधु साध्वियों द्वारा मर्यादा पत्र के नियमों की स्वीकृति से गूंजा पंडाल

🔺इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हजारों भावविभोर श्रावक समाज ।





🔺तेरापंथ के भगवान अपने भक्तों को अपनी अमृत देसना देने खड़े हुये।

🔺इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हजारों भावविभोर श्रावक समाज में हर्ष की लहर।





🔺"मातृह्रदया साध्वी प्रमुखा श्री कनकप्रभा जी का मंगल उद्बोधन मर्यादा समवसरण से
🔺संघ हमारा आधार है
🔺संघ में सरणा वारणा होती है और समय समय पर प्रेरणा मिलती है, जिस कारण दोष अपना घर नहीं जमा सकते।
🔺संघ का हित हमारा हित है। व्यक्ति के सारे हित संघ के हित में निहित है।
🔺व्यक्ति गौण , संघ प्रमुख।




🔺 मर्यादा महोत्सव के पावन अवसर पर संतो द्वारा सामुहिक भावभरी गीतिका का संगान




🔺 मर्यादा महोत्सव के पावन अवसर पर साध्वीवृन्द द्वारा सामुहिक भावभरी गीतिका का संगान




🔺"गण री खमा घणी,  म्हारै गण रा गगन मणी " समणी वृंद द्वारा सुमधुर गीतिका का संगान




🔺 मुनिश्री दिनेश कुमारजी द्वारा मर्यादा घोष एवं मर्यादा गीत का संगान
🔺  भीखणजी स्वामी भारी मर्यादा बांधी संघ में...




🔺वंदनीय साध्वी प्रमुखा श्री जी ने पुज्य प्रवर के श्री चरणो मे मर्यादा महोत्सव के अवसर पर भेंट की पूंजनी





🔺 परम आराध्य, पुज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी द्वारा नमस्कार महामंत्रोंच्चार द्वारा 153वें मर्यादा महोत्सव के  तृतीय दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ




🔺मर्यादा के महापुरुष, आचार्य श्री महाश्रमण जी का मर्यादा समवसरण में आगमन
🔺वंदे गुरुवरम- जय जय ज्योतिचरण - जय जय महाश्रमण के नाद से गुंजयमान हुआ प्रवचन पंडाल





📍✨ 153 वें मर्यादा महोत्सव पर परम् पावन आचार्यश्री महाश्रमण जी द्वारा रचित गीत।

भैक्षव शासन् की शरण मिली है, जीवन की कली खिली है।
जिन शासन गरिमा अपरम्पार है।
ओ संतों! मर्यादानिष्ठा शुभ संस्कार है।








खबर अखबार से 
मर्यादा महोत्सव समिति सिलीगुड़ी द्वारा अनेक अखबारो में आज सूचनार्थ 153वे मर्यादा महोत्सव की सुचना विज्ञापन





🔺नव प्रभात के प्रथम दर्शन



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