ज्ञानशाला ज्ञान के विकास का माध्यम है : मुनि श्री प्रशान्त कुमार - चेन्नई

प्रश्नमंच रोलिंग शील्ड प्रतियोगिता का हुआ आयोजन



         ज्ञानशाला ज्ञान के विकास का माध्यम है| ज्ञानशाला में अध्यात्म का बीजारोपण होता है,  वहीं वट वृक्ष बनकर आत्मोत्थान में योगभूत बनता हैं| उपरोक्त विचार चेन्नई के चू्ले स्थित मरलेचा गार्डन में तेरापंथ युवक परिषद् चेन्नई द्वारा स्व: दीपक बोथरा ज्ञानशाला ज्ञानार्थी प्रश्नमंच रोलिंग शील्ड प्रतियोगिता के आयोजन के अवसर पर अपना मंगल सान्निध्य प्रदान करते हुए मुनि श्री प्रशान्त कुमार जी ने कहे|
          मुनि श्री ने आगे फरमाया कि ज्ञानार्थीयों को मित भाषा ,अनुशासन , विनम्रता एवं एकाग्रता से जीवन जीना चाहिए | मुनिश्री ने कहा कि 2018 के आचार्य श्री महाश्रमणजी के चेन्नई चातुर्मास में सभी ज्ञानार्थी प्रतिक्रमण कंठस्थ याद कर आचार्य श्री के चरणों में समर्पित करे| मुनिश्री ने कहा तेयुप एवं ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाएँ ज्ञानार्थियों के लिए जितना श्रम एवं समय का नियोजन करती है तो आप सभी का दायित्व है की आप प्रतिक्रमण कंठस्थ याद कर सभी प्रतियोगिता में अवश्य संभागी बने|
        कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक मंगलाचरण एवं ज्ञानशाला गीत से हुई| तेयुप अध्यक्ष श्री संजय भंसाली ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि तेरापंथ युवक परिषद्, चेन्नई शहर के 22 उपनगरो में ज्ञानशालाओं का संचालन करती है| जिसमें समय समय पर सामूहिक ज्ञानवर्धक विभिन्न आयोजन किए जाते रहते हैं,  उसी कड़ी में आज यह रोलिंग शील्ड प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है|
        कार्यक्रम संचालन करते हुए ज्ञानशाला प्रभारी जितेन्द्र मालू ने बताया कि प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित हुई| जिसका प्रथम चरण 110 विविध विषयों के प्रश्नों पर और दूसरा चरण प्रतिक्रमण पर आधारित था | पहले चरण में शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कक्षा 1 से कक्षा 4 तक के बच्चे तथा दुसरे चरण में कक्षा 5 से कक्षा 9 तक के बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया | 
         प्रतियोगिता में सभी 22 ज्ञानशालाओं से 450 बच्चे ,120 प्रशिक्षिकाओं, अभिभावकों एवं तेयुप की लगभग पूरी टीम मौजूद थी| प्रतियोगिता का सफल संचालन ज्ञानशाला आंचलिक संयोजिका श्रीमती राजश्री डागा ने किया| पहले चरण में सभी ज्ञानार्थियों ने सही उत्तर देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया | दुसरे चरण में प्रतिक्रमण पर आधारित प्रश्न पूछे गए| जिसमे प्रथम स्थान साहूकारपेट ज्ञानशाला, द्वितीय किलीपाक ज्ञानशाला एवं तृतीय स्थान पर मनली ज्ञानशाला रही|
          प्रायोजक श्री शांतिलालजी बोथरा , तेयुप अध्यक्ष श्री संजय भंसाली, तेयुप मंत्री श्री भरत मरलेचा,  ज्ञानशाला प्रभारी श्री जितेन्द्र मालू, ज्ञानशाला सहप्रभारी श्री कमल सावनसुखा, ज्ञानशाला आंचलिक सहसंयोजक श्री कमलेश बाफना एवं तेयुप पदाधिकारियों द्वारा विजेता टीम को शील्ड प्रदान किया तथा सभी ज्ञानार्थियों को पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया | इस कार्यक्रम की व्यवस्था में तेयुप सदस्यों तथा किशोर मंडल का पूरा सहयोग मिला| धन्यवाद ज्ञापन तेयुप मंत्री श्री भरत मरलेचा ने दिया|

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    1. *ॐ अर्हम*

      *जय जय ज्योतिचरण*
      *जय जय महाश्रमण*

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