मनुष्य सोचे "आज के दिन मैंने क्या किया"? : आचार्यश्री महाश्रमण



15 फरवरी 2017, बिर्तामोड़ (नेपाल) (JTN) : अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमणजी प्रातः विहार कर नेपाल के मत्रपा जिले में बिर्तामोड़ अग्रसेन भवन पधारे।वहाँ उपस्थित जनसमूह को अपने मुख्य प्रवचन में सम्बोधित करते हुए फ़रमाया की मनुष्य का जीवन चंचल होता है और चंचल भी इतना की जैसे कुश के अग्र भाग पर टिका बिन्दु होता है वैसे चंचल चल्यमान होता है यानी कब पवन आते आते रुक जाए।पूज्य गुरुदेव ने आगे कहा की यह जीवन अध्रुव है इसलिए उठकरके जानना चाहिए,विचार करना चाहिए की जो मेरा दिन बिता उसमे मैंने क्या किया ?अच्छा धर्म का काम किया ?
धर्म का काम क्या है ?मैंने किसी असमाधिस्थ व्यक्ति को अशान्त व्यक्ति को शान्ति प्रदान की क्या? चित्त समाधि पहुँचायी क्या? मैंने किसी को अच्छी सलाह दी क्या? मैंने कोई स्वाध्याय आदि अच्छा कार्य किया क्या? किसी साधु की संगती की क्या? आज के दिन मैंने सुकृत क्या किया? ऐसा चिंतन क्यों करना चाहिए इसलिए करना चाहिए की यह सूर्य आया था और चला गया और जाते समय मानो मेरे जीवन का एक टुकड़ा भी साथ में ले गया।पूज्यवर ने कहा एक एक दिन जा रहा है और हमारे जीवन का एक एक टुकड़ा ले जा रहा है।जन्मदिन आता है कई लोगो के मन में बड़ा उल्लास भी होता है की आज मेरा जन्मदिन है पर हमे यह सोचना चाहिए की जन्मदिन आया है पर मेरे जीवन का एक वर्ष तो कम हो गया।यूँ मेरे जीवन का समय कम होता जा रहा है तो मैं और ज्यादा जागरूक बनु।
मेरा जीवन अच्छा रहे धर्ममय रहे।जीवन का भरोसा भी क्या करे एक वर्ष भी आएगा या नहीं आएगा ,आने को सौ वर्ष आ सकते है और आने को दो वर्ष भी न आये सौ वर्ष और दो वर्ष की बात तो दूर की है दो दिन का भी पता नही आये न आये किसको पता इसलिए हम आज से अभी से जागरूक बने की जीवन में धर्मा चरण करे।धर्म का पाथेय इकठ्ठा कर ले।धर्म का प्रभाव ही साथ में जाता है।पूज्यवर ने धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा की आप लोग पैसा कमाते हो गृहस्थ के लिए यह भी आवश्यक काम हो सकता है पर ये चेतना स्पष्ट रहे कि पैसा आगे साथ नहीं जाएगा।
धन आगे साथ नहीं जाता इसलिए जो धर्म साथ में जाने वाला है उसको विशेष महत्त्व दे। धर्म हमारा अपना है वह साथ में जाने वाला है।आदमी खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही चला जाता है इसलिए हम मनुष्य जीवन का अंकन करके इसका लाभ उठाने का प्रयास करे।

अन्य वक्ता
महिला मंडल व् कन्या मंडल द्वारा स्वागत गीतिका प्रस्तुत की गयी।संगीता जैन ने स्वागत भाषण दिया।श्री सुरेश कुमार अग्रवाल अध्यक्ष मारवाड़ी समाज व् आवास प्रवास समिति के स्वागताध्यक्ष,श्री राजिव जैन बैंगाणी,श्री इन्दरचंदजी जैन सभाध्यक्ष,व् कार्यक्रम में पधारे विशिष्ठ  अतिथि संविधान सभा के सभासद श्री सुधीर शिवा कोटी ने अपनी भावनाएँ व्यक्त की।



Related

Pravachans 7651844651841454876

Post a Comment Default Comments

Leave your valuable comments about this here :

emo-but-icon

Follow Us

Hot in week

Recent

Comments





Total Pageviews

item