ठाणे में मुंबई स्तरीय ज्ञानशाला प्रशिक्षण कार्यशाला

ठाणे में मुम्बई स्तरीय ज्ञानशाला प्रशिक्षक  प्रशिक्षण
कार्यशाला "तेज - The  Spark" का आयोजन आगम मनीषी प्रो. मुनि श्री महेन्द्र कुमार जी आदि ठाणा 5 के सानिध्य में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मुनिश्री के द्वारा नमस्कार महामंत्र से हुई । मंगलाचरण भारमल जोन की प्रशिक्षिकाओं द्वारा व  जोन की सह संयोजिका श्रीमती राजुल जी ढेलडिया  ने स्वागत भाषण दिया।
प्रो मुनिश्री महेन्द्र कुमार जी ने ज्ञानशाला को नींव का पत्थर कहा है। गुरूदेव तुलसी की अनुपम देन है " ज्ञानशाला "। ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओ के लिए कहा कि सिर्फ संख्यावृद्धि ही नहीं गुणानुवृद्धि भी होनी चाहिए। मुनिश्री अजीत कुमार जी  के सिद्धि तप चल रहा है, उनके चोले की तपस्या के बावजूद समय प्रदान किया। उन्होंने सुंदर गीतिका के साथ शिक्षा फरमाते हुए कहा जहाँ अन्न का दान कुछ समय काम आता है वहाँ विद्या का दान हमेशा काम आता है। मुनिश्री जगृत कुमारजी ने Innovation in gyanshala के संर्दभ मे " SEMINAR " WORD के शब्दों को विस्तार से समझाया। मुनिश्री डॉ अभिजित कुमारजी ने Master techniques to become a good master इस विषय  के 5 सूत्र बताएँ- 1: Passion ( पढ़ाने की लगन ) for eg Dr Abdul Kalam ) 2: Compassion ( माँ जैसी करूणा ) 3: Mind opener ( जैसे 25 बोल को बोलना ही नही है खोलना भी सिखाए ) 4 :Live and Lead ( धर्म को जिए और उसकी और प्रेरित करे। 5: Power of responsibility (बच्चों को Robot नही Responsible मानव बनाना है। इन सब बातो  को बड़े ही सरल शब्दों में और उदाहरण देकर समझाया ।

मुंबई की आंचलिक संयोजिका श्रीमती निर्मला जी चंडालिया ने अपने विचारों में हम सभी बहनो को  तेजस्वी बनने ओर, जो भी होता है वो टीम वर्क से सफलता प्राप्त होती है व सहसंयोजिका श्रीमती सुमनजी चपलोत ने अखिल भारतीय महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती कुमुद जी कच्छारा का स्वागत किया। उपासिका श्रीमती प्रतिभाजी चौपड़ा ने Role of teacher in Gyanshala इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। मुंबई  ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं द्वारा गीत प्रस्तुत किया।

मुंबई महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती जयश्री जी बड़ाला ने सभी को एक आदर्श प्रशिक्षक कैसे बने इस विषय में बताया। ठाणे ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओ ने एक सुंदर संवाद प्रस्तुत किया। कार्यशाला को शोभनीय बनाया राष्ट्रीय म. म.की  राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती कुमुदजी कच्छारा ने Spark का तात्पर्य कर्म बंधन से मुक्त होना ये बाते अपने वक्तव्य में कहा।आभार ज्ञापन मुंबई विभागीय संयोजिका श्रीमती अनिताजी परमार व ठाणे सभा अध्यक्ष श्रीमान निर्मल जी श्रीश्रीमाल  ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन मुंबई ज्ञानशाला की सदस्या सीमा साँखला व मुख्य प्रशिक्षिका सुमन नवलखा ने किया। श्रीमती कुमुदजी कच्छारा, प्रेमलताजी सिसोदिया, कांताजी तांतेड, श्वेता सुराणा, शीतल साँखला ठाणे से श्रीमान देवीलाल जी श्रीश्रीमाल, अभयराज जी चौपड़ा, आनंदजी भंसाली, अरुणजी ढेलडिय़ा, अशोकजी मांडोत, संदीपजी रांका, संजयजी कटारिया, सुभाष जी हिंगड, कमलेशजी दुग्गड़  व महिला मंडल से  उमराव जी सेठिया, मिनाक्षी जी श्रीश्रीमाल, ललीताजी  सोनी, सुखियाजी मांडोत, विमलाजी हिरण, सुनिता जी चौपड़ा ,ललीताजी हिंगड, शोभाजी झाबक , वनिताजी मेहता , रमीला जी बड़ाला, अंजुजी हिगंड , भारमल जोन की सभी प्रशिक्षिकाएँ व  ज्ञानशाला परिवार और समस्त तेरापंथ समाज की सहभागिता रही। लगभग 200 प्रशिक्षिकाओं ने इस कार्यशाला मे अपनी सहभागी बने ।.







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