जिज्ञासा, श्रद्धा और चिकिर्सा कार्य को सफल बनाने में सहायक होती है : आचार्यश्री महाश्रमणजी

- ज्योतिचरण से पावन हुए खलारी में गूंजा आध्यात्मिकता का संदेश 
- बढ़ती गर्मी के बीच महातपस्वी महाश्रमण का प्रलंब विहार, पहुंचे खलारी नोडल हाइस्कूल 
- अपने क्षेत्र में राष्ट्रसंत आचार्यश्री के दर्शन को पहुंचे विधायक सहित अन्य गणमान्य 
आचार्यश्री महाश्रमणजी
03 फरवरी 2018 खलारी, अंगुल (ओड़िशा) : उत्कल धरा को अपने चरणरज से पावन बनाते जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, अहिंसा यात्रा के प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी शनिवार को अपनी धवल सेना के साथ लगभग सोलह किलोमीटर का प्रलंब विहार कर महिधरपुर से खलारी पहुंचे। 
जन-जन के मानस को अपने प्रवचनों के माध्यम से निर्मल बनाने का प्रयास करते आचार्यश्री महाश्रमणजी ओड़िशा के गांवों-गांवों को आध्यात्मिक रूप से संपृक्त करते निरंतर गतिमान हैं। अपनी अहिंसा यात्रा के साथ भारत के बारहवें राज्य के रूप में ओड़िशा को पावन बना रहे हैं। अब तक छह जिलों की धरती को पावन कर आचार्यश्री वर्तमान में अंगुल जिले के गांवों में सद्भावना, नैतिकता व नशामुक्ति की ज्योति जला रहे हैं। 
शनिवार को आचार्यश्री प्रातः की मंगल बेला में आचार्यश्री महिधरपुर से मंगल प्रस्थान किया। आज अखंड परिव्राजक आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के सोलह किलोमीटर का प्रलंब विहार कर रहे थे। आचार्यश्री के बढ़ते चरणों के साथ ही बढ़ते समय और आकाश में तेजी से चढ़ते सूर्य के किरणों की प्रखरता भी बढ़ती जा रही थी। कुछ ही समय पश्चात सूर्य की किरणों की तीव्रता गर्मी का अहसास कराने लगीं और लोगों के शरीर को पसीने से तर-बतर बनाने लगीं। ऐसे में भी समताभावी आचार्यश्री निरंतर गतिमान थे। आचार्यश्री लगभग साढ़े दस बजे खलारी स्थित नोडल हाइस्कूल में पधारे। 
यहां पहुंचते ही आचार्यश्री के दर्शन को मानों लोगांे का तांता लग गया। विद्यालय के विद्यार्थियों के अलावा अंगुल के विधायक श्री रजनीकांत सिंह, अंगुल डामडा चेयरमेन श्री शक्तिप्रसाद पटनायक, अंगुल मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष श्री रणजीत मंडोतिया, भाजपा के राज्य कार्यकारिणी के सदस्य श्री लूलू भाई, आरएसएस के पूर्णकालिक सदस्य श्री शशी भाई तमाम गणमान्य और ग्रामीण भी उपस्थित हो गए। कुछ ही समय पश्चात आचार्यश्री स्कूल प्रांगण में ही बने प्रवचन पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को पावन प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि किसी भी अच्छे कार्य को सफल बनाने में तीन चीजें सहायक होती हैं-जिज्ञासा, श्रद्धा और चिकिर्सा। आदमी को कोई कार्य करना है तो आदमी में यदि जानने की इच्छा होगी कि यह कार्य कैसे, कब, कहां, कितना और किस तरह से आदि के माध्यम से जानने की इच्छा हो तो कार्य बेहतर हो सकता है। आदमी कार्य को जानने के बाद उसके प्रति श्रद्धा हो जाए कि यह कार्य करना आवश्यक है तो आदमी कार्य को बेहतर ढंग से कर सकता है। कार्य को पूर्ण करने की भावना चिकिर्सा होती है। यह तीनों गुण जिस आदमी में होते हैं वह कोई भी कार्य पूर्ण रूप से सफलता के साथ कर सकता है। 
आचार्यश्री ने मंगल प्रवचन के उपरान्त उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों, गणमान्य लोगों सहित तमाम उपस्थित ग्रामीणों को अहिंसा यात्रा के विषय में अवगति प्रदान की और इसके संकल्पत्रयी को स्वीकार करने का आह्वान किया तो उपस्थित समस्त लोगों ने खड़े होकर आचार्यश्री से संकल्प ग्रहण किए। इसके उपरान्त अपने क्षेत्र में आगमन से हर्षित इस क्षेत्र के एकमात्र तेरापंथी परिवार के श्री संजीव जैन ने अपनी हर्षाभिव्यक्ति दी। विधायक श्री रजनीकांत सिंह ने कहा कि आचार्यश्री हमारा यह अहोभाग्य है जो आपके चरण हमारे क्षेत्र में पड़े और हमें आपके दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हो गया। आज मैं आपके दर्शन कर धन्य हो गया। जब कभी हमारे भाव बुरे होंगे तो आपके संकल्प हमें उससे दूर होने की प्रेरणा प्रदान करेंगे। अंगुल मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष श्री रणजीत मंडोतिया ने भी अपनी हर्षाभिव्यक्ति दी। भाजपा राज्य कार्यकारिणी के सदस्य श्री लूलू भाई, आरएसएस के पूर्णकालिक सदस्य श्री शशी भाई ने भी अपनी भावाभिव्यक्ति दी और श्रीचरणों से आशीर्वाद प्राप्त किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती मंजू बेहरा ने भी आचार्यश्री के समक्ष अपने भावों के सुमन अर्पित कर आचार्यश्री से पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। 

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