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तपस्वी मुनि श्री शिव जी स्वामी जीवन परिचय श्रृंखला 7

ॐ  अ .भी .रा .शि.  को .नमः

तपस्वी मुनि श्री शिव जी स्वामी जीवन परिचय
श्रृंखला (7) दिनांक 27 जून  2020


     शिवंकराय -शिव
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उनके लिए छोटी तपस्या मगर अपने लिए बहुत बड़ी तपस्या । उन्होंने सोलह दिनों की तपस्या दो बार । पन्द्रह- तीन बार । चौदह- तीन बार  । तेरह- दो बार  । नो-दस-ग्यारह -बारह   तीन-तीन बार । आठ- छव बार । सात -तीन  बार । छव-सात बार । पांच-इग्यारह बार । चार-आठ बार । तीन- चौंतीस बार ।  दो- बाविस बार ।  उपवासों की संख्या 414  ।  वे निराहार- तप के साथ शीत- तप और आतप- तप भी तपते ।  कड़कड़ाती ठंडक की रातों में केवल एक अधो वस्त्र के अतिरिक्त कपड़ा नहीं ओढ़ते । पश्चिम रात्रि में खड़े-खड़े कायोत्सर्ग व ध्यान करते ।


             " ॐ अर्हम "


  
 महातपस्वी  मुनि श्री शिव जी स्वामी के तपोमय जीवन के बारे में और अधिक जानकारी के लिए पढ़ते रहिए ! जीवन परिचय की क्रमबद्ध श्रंखला.......... शिवंकराय - शिव  क्रमशः.....

👉🏻शासन समुद्र " एवं "जय जय जय महाराज" पुस्तक से साभार🙏🙏
लिखने में किसी भी प्रकार की त्रुटि रही हो तो मिच्छामि दुक्कड़म🙏🏻🙏🏻

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प्रसारक : अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज

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