तेरापंथ किशोर मंडल का ९ वां राष्ट्रीय अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न


अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद्‌ के तत्वावधान में किशोर मण्डल का 9वां राष्ट्रीय अधिवेशन ''आओ ग्रहण करें'' दिनांक 25 एवं 26 मई 2014 को हरियाणा के रोहतक में आचार्य श्री महाश्रमण के पावन सानिध्य में सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में लगभग 40 किशोर मण्डल के 200 सदस्यों ने भाग लिया। अधिवेशन अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद्‌ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अविनाश नाहर के नेतृत्व में हुआ।

उदघाटन सत्र:

अधिवेशन का उद्घाटन सत्र अग्रवाल ओडिटोरियम में परम् पूज्य गुरूदेव आचार्य श्री महाश्रमण के पावन सानिध्य में 25 मई प्रातः 9.15 बजे प्रारम्भ हुआ। गुरूदेव ने किशारों को प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कहा कि आज के किशोर कल का भविष्य है। उन्हें अपने कार्य के साथ-साथ धर्म की भी आराधना करनी चाहिए। किशोरों को एकदम अभय होकर अपने कार्यों का सजगता पूर्ण करना चाहिए। गुरूदेव ने सभी किशोरों को अच्छा कार्य करते हुए उनके जीवन में उत्तरोतर विकास हो ऐसा आशीर्वाद प्रदान किया। इससे पूर्व मंत्री मुनि प्रवर एवं साध्वी प्रमुखा श्री कनक प्रभा ने भी किशोरों को प्रेरणा पाथेय प्रदान किया।

इस सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अविनाश नाहर ने पूज्य प्रवर के सामने किशोर मण्डल की विभिन्न गतिविधियों एवं अधिवेशन की संक्षिप्त जानकारी रखी एवं रोहतक सभा व युवक परिषद् का आभार ज्ञापित किया। महामंत्री श्री हनुमानचंद लूंकड़ ने पूज्य प्रवर के सामने अपने विचार रखें।
किशोर मण्डल के राष्ट्रीय प्रभारी नवीन वागरेचा ने संचालन किया एवं गुरूदेव के श्रीचरणों में सभी किशोरों को प्रेरणा प्रदान करने के लिए निवेदन किया।


प्रथम सत्र -
अधिवेशन का प्रथम सत्र मुनि श्री कमलकुमार जी के सानिध्य में हुआ, इस सत्र में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के सहमंत्री संजय जैन, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं युवक रत्न श्री सुखलालजी सेठिया ने किशोरों को आव्हान किया कि वे हर कार्य को सरलता एवं सजगता से करें। तेरापंथ प्रोफेशनल फाॅरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय धारीवाल मुख्यवक्ता ने फाॅरम के द्वारा संचालित आध्यात्मिक पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया एवं अधिक से अधिक किशोरों को इससे जुड़ने का आव्हान किया।
सत्र को राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अविनाश नाहर ने सम्बोधित किया। सत्र का संचालन प्रभारी श्री नवीन वागरेचा ने किया एवं आभार सहप्रभारी श्रेयांश कोठारी ने दिया, इससे पूर्व मुनि श्री कमलकुमारजी ने अपने तेजस्वी उद्बोधन एवं जुगलबंधी से किशोरों को कहा कि सभी कार्य को समय एवं संयम से करना चाहिए।

द्वितीय एवं तृतीय सत्र -
अधिवेशन के द्वितीय एवं तृतीय संयुक्त सत्र का प्रारम्भ बाल मुनि ध्रुवकुमारजी के द्वारा मंगलाचरण से हुआ, सानिध्य मुनिश्री दिनेशकुमार जी एवं मुनिश्री योगेशकुमार जी का रहा। इस सत्र में इन्दौर के तरीन मेहता (समिति सदस्य) ने ’’कोडर्स आॅफ पावरफुल लाईफ’’ के बारे विस्तृत रूप से बताया कि कैसे व्यक्ति जीवन में छोटे-छोटे मंत्रों से अपने आपको सफल बना सकता है। किशोर मण्डल के सहप्रभारी श्रेयांश कोठारी ने किशोरों के परिचित विषय ’बिईग डिजीटल’ को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कैसे छोटी-छोटी एप्लीकेशन से किशोर चन्द मिनटों में पूरी दुनिया की जानकारी प्राप्त कर सकते है एवं साथ ही इसके दुष्प्रभाव के बारे में भी अवगत कराया।
इस सत्र में किशोर मण्डल मुम्बई ने ’’मूर्तिपूजा एवं तेरापंथ’’ के बारे में, किशोर मण्डल उदयपुर ने ’’तेरापंथ की मान्यताऐं एवं ऐतिहासिक स्थल’’, किशोर मण्डल बैग्लूर ने ’’दैनिक जीवनचर्या’’ के बारे में सुन्दर प्रस्तुति दी, मुनिश्री योगेशकुमारजी एवं मुनिश्री दिनेशकुमारजी ने किशोरों को मार्गदर्शन एवं प्रेरणा प्रदान की। सत्र का संचालन किशोर मण्डल क्षैत्रीय सहयोगी नवीन जैन एवं समिति सदस्य अरूण सेठियां ने संयुक्त रूप से किया।

चतुर्थ सत्र -
अधिवेशन के इस सत्र में रात्रि को अतिरोचक प्रतियोगिता  तेरापंथ प्रीमियर लीग आयोजित की गयी। आयपीएल की तर्ज पर होने वाली इस आध्यात्मिक प्रतियोगिता की शब्दावली क्रिकेट पर आधारित थी। इसका सफल संचालन इंद्रौर के विशेषज्ञ श्री विजय सामोता ने किया। इस प्रतियोगिता में चार मुख्य टीमें बनाई गई जो थी - 1. राॅयल मारवाड़, 2. चैलेन्जर आॅफ थली, 3. लीजेण्ड आॅफ मेवाड़, 4. राजस्थान किंग्स। करीब दो घण्टे चली इस प्रतियोगिता में सभी ने उत्साह से भाग लिया। विजेता एवं उपविजेता दोनों टीमों के सभी सदस्यों को आकर्षक पुरस्कार दिये गये।
इस प्रतियोगिता में मुनिश्री दिनेशकुमार जी, मुनिश्री योगेशकुमारजी सहित कई मुनिवृन्द ने प्रतियोगिता के अंत तक अपना सानिध्य प्रदान किया। सभी ने मुनिवृन्द के प्रति कृतज्ञता के भाव रखें।
   
 पांचवा एवं छठां सत्र (26 मई 2014) -

अधिवेशन के दूसरे दिन पांचवा एवं छठां सत्र संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इस सत्र का प्रारम्भ राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा मंगलाचरण से हुआ, सत्र में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रथम श्री बी.सी. भलावत ने ’फाॅकर्स आॅन युवर टेलेन्ट’ विषय पर किशोरों को मार्गदर्शन दिया।

उपाध्यक्ष द्वितीय श्री नरेन्द्र माण्डोतर ने ’आओ जीना सीखें’ विषय पर किशोरों का मार्गदर्शन किया। विषय को छोटे-छोटे उदाहरणों द्वारा एवं पावर पाईन्ट प्रजेन्टेशन से जैन धर्म एवं तेरापंथ धर्म संघ के बारे में बताया। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री विमल कटारिया ने किशोरों को पूर्व में ’’ग्रीनिज बुक आॅफ वर्ड रिकाॅर्ड’’ में कैसे अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् का नाम शामिल हुआ एवं आने वाले समय में भी इसकी पूरी संभावना है, इसके बारे में बताया।

इस सत्र में श्रीमती सुनिता दुग्गल (पूर्व चीफ कमिश्नर आॅफ इनकम टेक्स) ने ’आध्यात्म से विकास’ विषय पर अपना व्यक्तत्व दिया। उन्होंने किशोरों को समय नियोजन के गुर सिखायें, राष्ट्रीय प्रबन्ध मण्डल, किशोर मण्डल प्रभारी, सिटी केबल के संवाददाता लोकेश जैन ने श्रीमती दुग्गल को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। सत्र का संचालन श्री संजीव बैद्य ने किया। सत्र में किशोर मण्डल कोलकाता ने ’देश के विकास में जैन धर्म की भूमिका’ किशोर मण्डल अहमदाबाद ने ’कर्म सिद्धांत एवं ज्ञान’ किशोर मण्डल जयपुर ने ’प्रतिक्रमण’, किशोर मण्डल उघना ने ’जैन भूगोल’ पर अपनी रोचक प्रस्तुत दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किशोरों को हर संभव प्रयास करने एवं आने वाले तेयुप को मजबूत बनाने का आव्हान दिया। उन्होंने सभी किशोरों को किशोर मण्डल की राष्ट्रीय टीम से भी परिचय करवाया।

सप्तम सत्र -

इस सत्र में इंद्रौर के सुप्रसिद्ध माईड ट्रेनर श्री जितेश मनवानी ने करीब 2 घण्टे किशोरों को रोचक ट्रैनिंग दी उन्होने अपने व्यक्तव्य में कहा कि कैसे बड़ी से बड़ी चीजों को एक छोटी सी वस्तु कन्ट्रोल कर सकती है, विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से किशोरों की जिज्ञासा भी पूरी की। सत्र का संचालन प्रभारी नवीन वागरेचा ने किया। श्री मनवानी को महामंत्री एवं कोषाध्यक्ष व उनकी टीम ने प्रतीक चिन्ह भेंट किया।


समापन सत्र - 
अधिवेशन के अंत में सुन्दर प्रस्तुति के लिए किशोर मण्डल कोलकाता को प्रथम, उघना को द्वितीय एवं उदयपुर को तृतीय स्थान प्रदान किया गया एवं सभी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। महामंत्री श्री हनुमानचंद लूंकड़ ने विशेष व्यक्तव्य दिया एवं प्रभारी नवीन वागरेचा ने विभिन्न कविताओं के माध्यम से अंत तक उत्साह बनायें रखा। पूज्य प्रवर एवं चारित्रात्माओं के प्रति कृतज्ञता एवं रोहतक वासियों के प्रति आभार के साथ-साथ अधिवेशन सम्पन्न हुआ।

रिपोर्ट साभार: श्री नवीन बागरेचा (राष्ट्रीय प्रभारी : किशोर मंडल )

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