Top Ads

तपस्वी मुनि श्री रामसुख जी स्वामी जीवन परिचय श्रृंखला 8

ॐ  अ .भी .रा .शि.  को .नमः

तपस्वी मुनि श्री रामसुख जी स्वामी जीवन परिचय
श्रृंखला (8) दिनांक 28 मई 2020


राम -रसायण रामसुख
     - - - - - - - - - - - - - - - - - - - -

दोनों मस्त मोले , अलबेले , विनोदी । व्यवहार कुशल , पराक्रमी ,भुजबली । मुनि श्री चिमन जी सपत्नीक दीक्षित हुए । उनका पराक्रम देखने योग्य था । आचार्य श्री तुलसी रचित डालिम- चरित्र उस पराक्रम का सजीव चित्रण करता है । वे अपनी दोनों मुठ्ठियों पर दो बराबरी के वजनदार संतो को खड़ा कर उठा लिया करते । चलते ही आठ -आठ की तपस्या पचख देते उस परिवार के सातवें दीक्षित थे -

7. मुनि श्री वृद्धि चंद जी स्वामी ।

" ॐ अर्हम "

महातपस्वी मुनि श्री रामसुख जी स्वामी के तपोमय  जीवन के बारे में  और अधिक जानकारी के लिए पढ़ते रहिये ! जीवन परिचय की क्रमबद्ध श्रंखला .......... राम- रसायण  रामसुख  !
क्रमशः.....

👉🏻शासन समुद्र " एवं "जय जय जय महाराज" पुस्तक से साभार🙏🙏
लिखने में किसी भी प्रकार की त्रुटि रही हो तो मिच्छामि दुक्कड़म🙏🏻🙏🏻

जैन स्मारक ' चुरू (राजस्थान) के फेसबुक पेज के जुडने के लिए लिंक का उपयोग करें |

https://www.facebook.com/groups/2088461091455165/

प्रसारक : अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज

Post a Comment

0 Comments